Chudail ki kahani


Chudail ki kahani

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Chudail ki kahani -1


चुड़ैल विजिल की कहानी

7 min ki chudail ki kahani

Chudail ki kahani
Chudail ki kahani

विजिल  चुड़ैल अपने  नाखूनों को दातों से काटने भें व्यस्त  थी. "बिट्रेस, अब मैं उठ गयी हूँ,  उसने कहा
ठीक है तुम  इतने लंबे समय से एक ही जगह पर पड़ी हो" तोते ने कहा।
"अब जाओ किसी को परेशान करो, कष्ट पहुँचाओ"
"लेकिन किसे ? चुड़ैल ने पूछा, और कहाँ?"
फ्रिम्प फार्म में," बिट्रेस चिल्लाया. "फ्रिम्पी परिवार तुम्हारे लिए बिल्कुल ठीक रहेगा। वहाँ डेविड फ्रिम्प और फ्रेड की पत्नी, फ्लोरेंस रहते हैं" चुडैल ने अपने टोते की सलाह मानी, उसने खुद को एक आम घरेलू मक्खी में बदला और फार्म पर गश्त लगाने लगी।
डेविड फ्रिम्प सोते हुए खर्राटे ले रहा था, पर उसकी मुट्ठी में मक्खी मारने वाला एक फ्लाई स्वेटर था। उसे मक्खी की हर नस्ल से घृणा थी खासकर घरेलू प्रजाति से। अब चूंकि गायों का दूध निकालने का काम खत्म कर चुका था
इसलिए उसके पास मक्खी मारने के लिए काफी समय था।
चुड़ैल एक साधारण मक्खी की तरह डेविड के गंजे सर पर बैठी फिर वो उसकी नाक पर बैठी। फिर उसने चलते हुए डेविड के गाल को पार किया और अपने नन्हें पैरो से उनके कान गुदगुदाए। डेविड ने अपने मक्खीमार स्वेटर को घुमाया जहाँ भी वो उसे घुमा सकता था तीन बार चुड़ैल उसके वार से बार बार बची।
बदला लेने की नीयत से चुड़ैल ने खिड़की के बाहर झांका, वास्तव में वो बदला लेने की एक योजना बना रही थी, चुड़ैल ने खुद से कहा" उस गंजे सर वाले आदमी ने फुदक- फुदक के आज मार ही डाला होता। अब मैं जल्द ही उससे ऐसा बदला लुंगी की वो उसे जिंदगी भर नहीं भूलेगा।
उसके बाद चुड़ैल घर वापस चली गयी, चुड़ैल तुरंत बिस्तर पर लेट गई और छत पर घूर-घूरकर अपनी योजना के बारे में विचार करती रही।
अचानक वह उठी और अपनी सांपो की खाल वाली चप्पलों को फर्श पर सीधा किया। "बिट्रेस" चुड़ैल ने कहा, "सुनो, उस बूढा मर्द ने अपने बाएं हाथ में मक्खी मार स्वैटर पकड़ रखा था, इसलिए वो बाएं हाथ वाला लेफ्टी है। 
मैं खुद को बाएं हाथ के दस्ताने में बदलने जा रही हूं और फिर मैं सुनिश्चित करूंगी की वो मुझे लगातार पहने रहे। फिर मैं उसे मजा चखाऊंगी।"
यही तरीका है चुड़ैल, बिट्रेस टोते ने कहा, "उसे अच्छा सबक सिखाना"
अगले दिन सूर्योदय से पहले चुड़ैल फ्रिम्प के मेल बॉक्स के आसपास की झाड़ियों पर मंडरा रही थी। जब सूरज निकला तो डेविड के बाएं हाथ मे एक फ्लाई स्वेटर था और उसके दाएं हाथ मे एक पत्र था।
अरे बाप रे ! जो कभी चुड़ैल थी अब वो दस्ताना बन गई है।
पत्र को पोस्ट करने के बाद डेविड ने उसे देखा।
"डेविड भले आदमी, यह तुम्हारा भाग्यशाली दिन है" उसने खुद से कहा और यह अपने हाथ मे दस्ताना लेकर ख़ुशी ख़ुशी घर लौटा।
डेविड ने हर समय अपने नए दस्तानों को पहने रखा। जब मुह धोता, शेव करता, घड़ी में चाभी भरता या अपनी नाक कुरेदता समय ही दस्ताना उतरता। वो दस्ताने को नाश्ते, दोपहर के भोजन और रात के खाने के समय भी पहनता था।
मानो वो बिल्कुल उस के शरीर का हिस्सा हो।
चुड़ैल ने डेविड को आदत डालने का समय दिया लेकिन चुड़ैल में अपना रंग दिखाया। अब डेविड ने खुद को मक्खियों के खिलाफ युद्ध मे हारते हुए पाया। डेविड मक्खियों को मारने कूदता था, झूलता था और तैरता था और वो उन्हें मक्खी मार से मारता था, लेकिन चुड़ैल हाथ को कभी इस तरफ और कभी उस तरफ झटक देती, फिर कोई भी मक्खी नहीं मरती थी। 
इससे कभी-कभी डेविड दुखी होता था। उसने मक्खियों के खिलाफ युद्ध छेड़ा था और पूरे घर मे छोटी-छोटी मक्खियों का पीछा करता था, उसका वार हर चीज पर पड़ता था मक्खियों को छोड़कर।
"क्या आप ठीक है, पापा?" फ्लोरेंस ने पुछा
"मैं एकदम ठीक हु" डेविड ने झूठ कहा।
"अरे बाप रे" फ्रेड ने कहा, " जब से आपने वो दस्ताने पहने है तबसे आप एक दम पागल हो गए हैं"
"नहीं, अगर घर मे कोई पागल है तो वो तुम हो, साफ सुन लो, मैं इस दस्ताने को पहनना बैंड नही करूँगा" डेविड ने कहा।
"कृपया करके पापा, बस एक दिन के लिए इसे उतार दे और फिर देखें कि क्या होता हैं" फ्लोरेंस ने बिनती की।
"नहीं में वैसा बिलकुल नहीं करूंगा" डेविड ने कहा।
लेकिन डेविड का बेटा और पत्नी, डेविड को लगातार परेशान करते रहे। अंत मे चुड़ैल अपना धैर्य खो बैठी और उसने फ्रेड और फ्लोरेंस को सबक सिखाने का फ़ैसला किया। उसने फ्रेड और फ्लोरेंस के शरीर में अप्रत्याशित स्थानों पर असहनीय खूजली शुरू कर दी और वे वहा जितना अधिक खुजाते, खुजली उतनी ही बिक़ट होती जाती। 

उस रात के भोजन में चुड़ैल ने उसके मिटबॉल में विस्फोट किया और पानी फव्वारे की तरह फैलाया और सुबह को चुड़ैल ने पूरे हिलाकर रख दिया जिससे घर की हरेक इट मदत के लिए रोने लगी। उस दोपहर पल पर दुखी होकर जाते हुए डेविड को समझ मे आया कि जो अजीबोगरीब चीजें हो रही है शायद उनका कारण उसका दस्ताना ही था। फ्रेड और फ्लोरेंस ने शायद सही कहा था- दास्तानों के अपराधी होने की बात।
फिर उसने अपनी कलाई से दस्ताना उतारा और उसे नदी में फेंक दिया।
दस्तानों ने पानी मे तुरत अपने चुड़ैल के असली रूप में बदलना शुरू किया।
अरे हाँ, चुड़ैल को गीले होने से नफरत थी( बचपन से उसने अपने जीवन मे कभी भी स्नान नहीं किया था, उसके बाद से उसने सिर्फ अपने दोनों डरावने हाथ भी नहीं धोये थे) फिर वो जोर से उछलती, गुर्राती, थूकती रही और धीरे-धीरे वो नदी में डूबने लगी। डेविड ने ये सब बड़े अविश्वास से देखा। वैसे चुड़ैल अत्यंत डरावनी और भनायक थी लेकिन डेविड अपने किसी साथी प्राणी को डूबते हुए नहीं देख सकता था। उसने तुरंत नदी में गोता लगाया। उसने उस घृणित चुड़ैल को अपनी बाहों में पकड़ा और फिर उसे किनारे ले जाने लगा।

आधे रास्ते में, डेविड यह देखकर चौक गया कि वो चुड़ैल भयावह दिखने के बजाय शर्मा रही थी। उसकी खुली आँखों मे कृतज्ञता भरी थी और वो मुस्कुरा रही थी। नदी के साफ पानी मे चुड़ैल की अच्छी तरह धुलाई हो गई थी और उसकी सारी गंदगी पानी में बह गई थी। खुद को बचाने के लिए दौड़ने की बजाए जैसे ही वे नदी के किनारे पर पहुंचे डेविड ने खुद को आश्चर्यचकित रूप से एक प्यारी बूढ़ी महिला को गले लगाते हुए पाया। कहने की जरूरत नहीं चुड़ैल और डेविड पूरी तरह से एक दूसरे के प्रेम में पड़ गए फिर वो बूढ़ी विवाहित जोड़ी एक साथ फार्म में रहने लगी। उसके बाद से चुड़ैल फिर कभी नहीं ऊबी। कभी कभी वो और डेविड, फ्रेड और फ्लोरेंस के साथ ताश भी खेलते थे। बिट्रेस भी उस खेल में शामिल हो जाता था। 
'मुझे लगता है कि अब मुझे इन इंसानों के साथ यही रहना होगा" तोते ने कहा " और अब वो एक बिल्कुल अलग जिंदगी होगी"।

#समाप्त#

*इस Chudail ki kahani के लेखक विलियम हैं*

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*डरावनी Bhoot wali kahani संग्रह*

Chudail ki kahani -1

चुड़ैल का सूप 

  6 minutes chudail ki kahani

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एक दिन एक लड़का जंगल में घूमने गया। वहां उसने चिड़िया को उड़ते और गिलहरी हो को छलांग लगाते हुए देखा। वहा पक्षी एक दूसरे को गाना सुना रहे थे। वहा उसने बहुत ठन्डे साफ पानी में सुनहरी मछलियां देखी। लड़का एक विशालकाय पेड़ की जड़ों के पास पहुंचा।  वहां एक छोटा भूरे रंग का घर का उसने दरवाजा खटखटाया। दरवाजा एक बदसूरत बूढी औरत ने खोला।  उसकी नाक बाई और मुड़ी थी.
 "माफ करे" लड़के ने कहा
 "मैं एक लंबा रास्ता तय करके आया हूं और मैं बहुत प्यासा हूं कृपया मुझे पानी दे"
"प्लीज"
 यह सुनकर बूढ़ी औरत अपने मुंह के दाइने हिस्से से मुस्कुराई
"जरूर जरूर" उस ने जवाब दिया
"अंदर जाओ"
जैसी छोटा लड़का अंदर गया बूढीया पूरी तरह से खिलखिला कर हंसने लगी
"अरे मुर्ख  छोटे हंस"
वह बोली "क्या तुम नहीं जानते कि मैं जंगल की चुड़ैल हूँ "
चुड़ैल ने खुशी से अपने हाथ रगड़े
"और अब जब मेरे पास इतना अच्छा मोटा लड़का है"
उसने कहा
"आज रात में खाने में इस लड़के का सुप बनाऊंगी, मैं अब उसकी तैयारी करने जा रही हूं"
 "मुझे वह अच्छा नहीं लगेगा" लड़के ने कहा
चुड़ैल हंसी और चिल्लाई "क्या तुम जानना चाहते हो सुप कैसे बनेगा?" उसने पूछा
"यह रही उसकी रेसिपी गाजर प्याज और आलू मटर और सैम और तीन टमाटर जादू की जड़ी बूटियां जैसी अलसी और मेथी पर एक स्वादिष्ट छोटा लड़का"
 उसके बाद चुड़ैल ने चूल्हे में आग लगाई और उबलने के लिए उस पर एक केतली लटका दी
"इधर आओ" उसने आज्ञा दी "बस वहां खड़े मत रहो कुछ काम करो गाजर काटो  पेज काटो,  पेज को पहले छीलो आलू छीलो, मीटर छीलो, हरी बींस को छोटा-छोटा काटो।  टमाटर काटो, टेबल सेट करो, प्याले मेरी अलमारी में रखे हैं, चम्मच दाएं हाथ पर रखना"

 लड़का सूप  नहीं बनना चाहता था इसलिए उसे कुछ सोचना और करना था वह भी बहुत जल्दी।
 "माफ करें" लड़के ने कहा
"गुस्ताखी माफ हो लेकिन मुझे यकीन नहीं हो रहा है कि आप वाकई में एक चुड़ैल है"
बुढ़िया ने अपनी आंखें गोल-गोल घुमाई "मैं चुड़ैल नहीं हूं?"
वह चिल्लाई "बेशक में एक चुड़ैल हूँ, मेरे मोटे मोटे खरगोश।"
 "पर चुड़ैल खुद को अलग-अलग रूपों में बदल सकती है" लड़के ने कहा "यदि आप एक असली चुड़ैल है तो आप खुद को एक हाथी में बदलकर दिखाएं"
बुढ़िया जोर से गुराई फिर मूंगफली की तरह गंध वाला एक धुआं उठा और चुड़ैल एक झुर्रियों वाले सिलेटी रंग के हाथी में बदल गई.  हाथी ने अपने काम फड़फड़ाए और अपने सूंड को लहराते हुए वह कमरे में बाई ओर मुड़ा जोर से चिल्लाते हुए हाथी ने कमरे का चक्कर लगाया और फिर वहां पर चुड़ैल में बदल गया. ..
"तुम्हें कैसा लगा?" बूढ़ी औरत ने शरारत की निगाहों से लड़के से पूछा।
 अब लड़के को पता चलेगा कि वास्तव में जंगल की दुष्ट चुड़ैल थी लेकिन लड़के ने उसे ऐसा नहीं कहा.
लड़का भी चला था "मुझे लगता है कि ये आपकी एक चाल थी" लड़के ने चुड़ैल से कहा.
"अडियल मनहूस" चुड़ैल ने उसे डांटा
"तुम्हें उबालकर शायद स्वादिष्ट सुप भी ना बने"
 "आप अगर खुद को बंद बंदर में बदल सके"
लड़के ने कहा "तो मुझे विश्वास होगा कि आप एक असली चुड़ैल है"
 "इसमें क्या बड़ी बात है?" चुड़ैल ने झांसा दिया फिर पहले की तरह गंद वाले पीले धुए में एक कष् में  चुड़ैल एक बंदर में बदल गई... बंदर ने मेज पर 2-4 कलाबाजी लगाई और फिर बंदर वापस चुड़ैल में बदल गया।
चुड़ैल ने कहा "क्या अब तुम्हें यकीन हुआ कि वाकई में एक असली चुड़ैल हूं?"
छोटा लड़का अब पक्की तौर पर जान गया था कि बूढ़ी औरत एक असली चुड़ैल थी। लेकिन फिर भी उसने उसे अपने दिल की बात नहीं बताई।
"मैं अब आप पर कुछ विश्वास करता हूं" उसने कहा लेकिन अब भी पक्की तोर पर नहीं।
"आपको एक काम और करना होगा ताकि मुझे पक्की तौर पर यकीन हो कि आप मुझे धोखा नहीं दे रही है" चुड़ैल चिल्लाई और अपने दाहिने पैर पर कमरे में चारों और कूदी
"बेवकूफ पागल गधे" चुड़ैल ने हंगामा किया "तुम एक भयानक दुष्ट चुड़ैल को देखने के बाद भी नहीं पहचानते" लड़के के पास अभी एक आखिरी मौका बचा था।

उसने बहुत ध्यान से सोचा
"केवल एक चुड़ैल ही खुद को एक मक्खी में बदल सकती है"
उसने आखिर में कहां
"अगर आप मुझको एक मक्खी में बदल कर दिखा दे तो मुझे पक्का विश्वास होगा कि आप वाकई में एक असली चुड़ैल है"
"एक मक्खी?"
चुड़ैल चिल्लाई
"यह क्या मजाक है"
फिर एक घना धुआं उठा जिसमें से पके सेब की बदबू आई।  फिर चुड़ैल एक हरे रंग के मक्खी में बदल गयी और मेज पर बैठ गयी। लड़के उछलकर चुड़ैल की झाड़ू पकडी। उसने कस्कर झाड़ू से मक्खी को मार डाला। इस तरह जंगल की उस चुड़ैल का अंत हुआ।  उस दोपहर जब लड़का घर लौटा, उसने अपने दोस्तों को बताया कि वह जंगल में गया था।
"जंगल में जाना तो बहुत खतरनाक रहा होगा?"
"अगर वहां रहने वाली चुड़ैल ने तुम्हे पकड़ लिया तो?"
लड़का मुस्कुराया "अब जंगल में चुड़ैल जैसी कोई चीज नहीं बची है"
 उसने कहा "कम से कम अब तो नहीं"


#समाप्त#

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