Hindi poem on mother for mothers day (maa par kavita)

Hindi poem on mother for mothers day (maa par kavita)

Poem on mother in hindi -1


आकाश भी व्याप्त,
पकड़ने चली हूँ माँ के आँचल का छोर...
सोचा है बटोर कर ममत्व के सब ताने बाने,
बांधूगी एक कविता,
माँ को उपहार देने।
खींचूँ पल्लू का वह कोना,
जिसे पकड़ मैं बड़ी हुई,
वह धुंधला सा बचपन,
जब माँ ही सच थी...
और सीख हर उनकी
लकीर पत्थर की।
या उनकी उस साड़ी से आखर जोड़ूँ
जिसे पहन मैं इठलाती थी,
और इतराती मुझ पर माँ थी।
बातें, सीखें जो भूल गयी वो,
पर भूल सकती नहीं
मैं कभी भी।
इन अनगिन बातों का
कैसे पाऊँ कोई कोना,
मुश्किल नहीं ...असंभव
अपार प्यार का
व्यक्त शब्दों में होना।
       
        -गरिमा गुप्ता
       9 जून 2002


Hindi poem on mother
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Poem on mother in hindi -2


मेरी प्यारी माँ तू कितनी प्यारी है,
जग है अंधियारा तू उजयारी है,
शहद से मीठी हैं तेरी बातें
आशीष तेरा जैसे हो बरसातें।
डांट तेरी है मिर्ची से तीखी,
तुझ बिन जिंदगी है कुछ फीकी,
तेरी आँखों में छलकाते प्यार के आँसू,
अब मै तुझसे मिलने को भी तरसूं।
माँ होती है भोरी भारी
सबसे सुंदर प्यारी प्यारी।।


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